Wednesday, April 2, 2014

बादशाहत

में फकीर लाख ही सही....
शुक्र है खुदा ने ऐसे नायाब दोस्तों से नवाझा,
इस बादशाहत के बदले तो फिर जिंदगी खाक ही सही...!

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भेट

सूर्य चंद्र मावळतो तिथे व्हावी आपली भेट एका हृदयांतल बोलणं दुसऱ्या हृदयाशी थेट