जिंदगी है दोस्त! आसान कैसे होगी, ख्वाब टुटे बगैर सहर तो कैसे होगी।
सूर्य चंद्र मावळतो तिथे व्हावी आपली भेट एका हृदयांतल बोलणं दुसऱ्या हृदयाशी थेट
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